क्या autistic बच्चे के लिए diet plan होता है?
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Autism एक neurological condition है जो बच्चों के व्यवहार, संचार और सामाजिक संपर्क को प्रभावित करता है। शोध बताते हैं कि सही और संतुलित आहार autistic बच्चों के व्यवहार और cognitive function को बेहतर बना सकता है। माता-पिता अक्सर यह जानना चाहते हैं कि अपने autistic बच्चे को क्या खिलाएं जो उनकी ज़रूरतों के अनुकूल हो। इस लेख में हम जानेंगे कि autistic बच्चों के लिए एक ideal diet plan कैसा हो सकता है, कौन-कौन से nutrients ज़रूरी हैं और किन चीज़ों से बचना चाहिए।
आज हम बात करेंगे क्या हमें एक ऑटिस्टिक बच्चा या ADHD बच्चे के लिए या किसी ओर डिसऑर्डर से सफर कर रहे बच्चों के लिए डाइट प्लान होता है ।
डाइट हम कब करते है। तभी करते है जब हम अपनी एनर्जी को कही भी नहीं लगा रहे है या हमारा काम पूरा दिन बैठे बैठे का है। जिसकी वजह से हमारी सेहत पे फर्क पड़ रहा है हमें हेल्थ इश्यूज आ रहे। तब हमने कुछ अपनी डाइट में चेंज किया ।
अभी बच्चे की बात करे तो बच्चे ने जो भी खाया पिया उसने कुछ भी काम नहीं किया और जो उसकी एनर्जी थी वो उसके बिहेवियर में दिखना स्टार्ट हो गई ।
अभी बहुत से पेरेंट का यही question होता है कि हम अपने बच्चे के लिए कोई डाइट फॉलो करनी चाहिए या नहीं या फिर कुछ पेरेंट का यह भी क्वेश्चन होता है कि हमें डॉक्टर ने अपने बच्चे के लिए डाइट चार्ट बताया है कि हमें इन इन चीजों का परहेज करना है हमें ये चीजे अपने बच्चे को नहीं देनी है।
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एक ASD /ADHD बच्चे को हम कभी भी डाइट प्लान की सलाह नहीं देते है।
आपके दिमाग में जब डाइट का idea आया तो बच्चे में आपको कुछ ना कुछ ओड बिहेवियर दिखा होना जैसे उसकी hyperactivity, उसका एग्रेशन, हैंड flapping, repetitive behaviour, इस तरह से आपको बहुत से बिहेवियर दिख रहे होंगे तभी आपको लगा कि हमने तो अब कुछ के लिया but इसके ye बिहेवियर कम नहीं हो रहे है। इसलिए इसका डाइट कम होनी चाहिए या शुगर को हम कम करते है। नहीं उसकी डाइट में कोई इश्यू नहीं है प्रॉब्लम उसकी energy में जो वो एक मीनिंग फूल वे में डिस्ट्रीब्यूट नहीं हो रही है।
डाइट में मोस्टली बच्चों को शुगर , dairy product के लिए मन किया जाता है कि आपने बच्चों को ये चीजे नहीं देनी है because शुगर ya dairy product से जो हमें ज्यादा अमाउंट में एनर्जी मिल रही हैं उससे बच्चे की hyperactivity बढ़ सकती और बिहेवियर भी ।
अब एक नॉर्मल सी बात करे तो जो भी हम पूरा दिन में जो भी खा पी रहे है हजम अपनी एनर्जी को फिजिकली एंड मेंटली दोनों तरीके से डिस्ट्रीब्यूट कर रहे है परंतु बच्चे की कंडीशन में बच्चा जो भी खा पी रहा है उसको वो किसी भी तरीक़े से डिस्ट्रीब्यूट नहीं कर पा रहा है। तभी वो सारी एनर्जी उसके बिहेवियर में दिख रही है। एंड रात को भी नींद प्रॉपर नहीं ले रहा है एंड दिन को भी डिस्टर्ब रहता है ।
डिसऑर्डर से सफर कर था बच्चे की एनर्जी वैसे भी बहुत ही ज्यादा होती है रीजन वही है कि न ही एनर्जी फिजिकली distribute हो रही ओर न ही मेंटली । और जो बिहेवियर है वो ओर ज्यादा दिख रहे है। हमने बच्चे के इन बिहेवियर और एनर्जी को डिस्ट्रीब्यूट करना है थेरेपी के साथ ।
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Solution
Main इश्यूज बच्चे के उसकी एनर्जी डिस्ट्रीब्यूशन को लेके आ रहे है ।
बच्चा अपनी एनर्जी को कही पर भी मीनिंग फूल वे में नहीं लगा रहा है।
इसका जो सॉल्यूशन है वो OT (Occupational Therapy)
इसमें हमने बच्चे की एनर्जी को फिजिकली एंड मेंटली दोनों तरीके से डिस्ट्रीब्यूट करना है। क्योंकि बचा पूरे दिन में जितना थकेगा उतना ही रात को अच्छे से रिलैक्स होके सोएगा एंड शुभ एक फ्रेश मज़ानद से उठेगा एंड दिन को भी अच्छे से cooperative होगा, चीजों को जल्दी सीखेगा।
कुछ कुछ थेरेपी सेंटर में या डॉक्टर्स आपको डाइट का सजेस्ट करेंगे क्योंकि उनको उसका सॉल्यूशन ही नहीं पता है। कि हमने एनर्जी को डिस्ट्रीब्यूट करना है न कि बच्चे की हेल्थ को खराब।
शुगर एंड डेयरी प्रोडक्ट बच्चों को दो because body की need है हमने उसको डिस्ट्रीब्यूट करना है वो भी थेरेपी के through ।
अभी ये तो बात हो गई थेरेपी की।
अभी बात करते है घर पर हम कैसे करेंगे। Because bacha therapy centre में तो वन हार है बाकी समय तो घर पर ही है । ज्यादा एक्टिविटी तो उसकी घर पर ही दिखेगी।
बच्चे की एनर्जी को डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए घर पर आप बच्चे को सबसे पहले अपने साथ ही कम में इन्वॉल्व करो चाहे वो kitchen हो , cloth washing, cleaning , gardening planting, etc। जितने भी घर के कम है उनमें उसको इन्वॉल्व करो।
Academic बच्चे को घर पर कोई written work करवा लो जैसे, मैचिंग, कलरिंग, पेंटिंग एंड एक्टिविटीज जैसे paper कटिंग।
games कोई भी गेम प्ले कर लो जिसे बच्चे का इंटरेस्ट भी क्रिएट हो ओर साथ में बिजी भी रहे। जंपिंग, stairs up down, इस तरह से एक्टिविटी करवाना।
Child specialist Mota Singh Nagar
जो एक ASD ADHD का बेस्ट ट्रीटमेंट है वो है थेरेपी।थेरेपी में
सीबीटी ,(cognitive behavioural therapy)
OT(Occupational therapy)
Speech therapy
Sensory integration therapy
Affordable therapy for an autistic child in Mota Singh Nagar
New Jawahar Nagar, Mota Singh Nagar, Jalandhar, Punjab 144001
Phone: +91-095015 93647
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