बहुत सारे माता-पिता को यह पहली बुझी रहती है कि उनके बच्चे को वर्चुअल ऑटिज्म है या फिर क्लासिक ऑटिज्म इसकी जांच कैसे करें अगर आपका बच्चा पिछले बहुत दिनों से फोन टीवी साउंड और बहुत सारी स्क्रीन टाइम जैसी चीज बहुत अधिक मात्रा में देख रहा है तो हम उसे वर्चुअल ऑटिज्म कहेंगे वर्चुअल आटिज्म वाले बच्चों को कुछ हद तक इन्हीं चीजों की आदत पड़ जाती है पर क्लासिकल आटिज्म वाले जैसे कि अपने खिलौने को लाइन में लगाकर देखना एक चमकती हुई रोशनी को लगातार देखते रहना या फिर एक बंद कमरे में बैठना या फिर किसी से बात ना करना या फिर अपने टॉयज को एक अटपटे अंदाज से खेलने या फिर उल्टी लाइन लगाकर उसे उनको एक आंख से साइड पर देखते रहना या फिर एक चमकदार चीज को लगातार देखते रहना या फिर अपने घर के दरवाजे को बंद करना फिर खोलने और फिर बंद करना चलते हुए पंखे को देखना और उसको बंद कर देना और फिर से चलाना और फिर से बंद करके पंखे की तरफ देखते रहना यह सारे लक्षण एक क्लासिकल आटिज्म वाले बच्चों में होते हैं हम इन सारे लक्षणों को देखकर हम पता लगा सकते हैं कि उनके बच्चे को वर्चुअल ऑटिज्म है या फिर क्लासिकल ऑटिज्म एक पर्सनल आटिज्म वाले बच्चों को बहुत जल्द से ठीक किया जा सकता है पर क्लासिकल आटिज्म वाले बच्चों को धीरे-धीरे ही ठीक किया जा सकता है और उसकी धीरे-धीरे से ही इलाज किया जा सकता है और उसको ठीक होने में भी थोड़ा समय लगता है