बच्चों में autism व behaviour का level बढ़ने के क्या कारण है?
Hyperactive child treatment
अगर हम बात करें बच्चों में ऑटिज्म behaviour बढ़ने की तो इसके लिए बहुत सारे कारण हमें देखने को मिलते हैं परंतु इससे पहले हमें यह समझना होगा कि यदि किसी बच्चे में ऑटिज्म है तो यह ऑटिज्म बच्चों के साथ life long रहेगा ।क्योंकि जो ऑटिज्म है वे condition है कोई बीमारी नहीं है कि कोई medicine या कोई दवाई लेने से ठीक हो जाएगा ।ऑटिज्म बच्चों में वैसे तो बहुत सारी problem देखने को मिलती है। जैसे communication,socialization, cognition, behaviour etc. परंतु इसके अलावा और भी कई problem हमें बच्चों में देखने को मिलती है। यह जो तीन area में problem होती है ।यह सभी बच्चों में एक जैसी नहीं होती है।
ऑटिज्म व behaviour का level होता हैं ।वह सभी बच्चों में अलग-अलग होते हैं ।
जब इन बच्चों के लिए behaviour अलग होंगे तो उनकी wants ,needs व level भी अलग होगा । इसमें parents व therapists को चाहिए कि वह बच्चे की problem को जाने ।जब तक बच्चे की problem हम जानेंगे नहीं ।तब तक हम बच्चे को समझ ही नहीं पाएंगे और न ही हमें उनकी problem पता चल पाएगी।
अब मैं आपको बताऊंगी कि किन कारणों की वजह से बच्चों में autism वह behaviour का लेवल बढ़ जाता है
जैसे कि मैं आपको बताया कि ऑटिज्म condition है कोई बीमारी नहीं है बच्चों की इसी condition को improve किया जाता है ।यदि बच्चे की सही उम्र में थेरेपी नहीं होगी तब भी बच्चों के behaviour वह autism बढ़ने के ज्यादा chance होते हैं परंतु इसके अलावा जो हमें main reason बच्चों में ऑटिज्म का level व behaviour बढ़ने का मिलता है वे कुछ इस प्रकार से हैं।
1.Parents में aceptance की कमी।
2. Hide behaviour child ।
3.Parents को proper guide line की कमी।
Why is my child not speaking?
Parents में aceptance की कमी
इसमें जो हमें सबसे पहले reason देखने को मिलता है । वह है parents में aceptance की कमी ।बहुत सारे parents अपने बच्चों की condition या फिर किसी तरह के behaviour को मानते ही नहीं है ।उन्हें ऐसा लगता है कि अभी उनका बच्चा छोटा है ।उसमें कोई भी problem नहीं है ।अगर parents को कोई बोलता है। कि आपके बच्चे को ऑटिज्म है या कोई behaviour problem है तो parents इस बात को मानने के बजाए लोगों से बहस करने लग जाते हैं ।
जब parents बच्चों की इन problem को मानते नहीं है ।तो बच्चे की problem बढ़ती जाती है। जैसे कि आपको पता ही है यदि सही age में बच्चों की थेरेपी नहीं होती है तो उसके behaviour व ऑटिज्म बढ़ने के chance रहते हैं ।ऑटिज्म जो बच्चे होते हैं वह जल्दी से चीजों को सिखते हैं। परंतु इसके लिए हमें बच्चों की probelm को जानना जरूरी है। जब तक parents बच्चों की problem को accepts नहीं करेंगे या जानेंगे नहीं तो इन बच्चों में ऑटिज्म वह behaviour बढ़ता ही रहेगा।
Hide behaviour child
इसमें जो दूसरा reason हमें देखने को मिलता है वे है hide behaviour child बहुत सारे parents अपने बच्चों की problem को जानने के बाद भी उन्हें छुपाते रहते हैं। इसका कारण घर के बुजुर्ग लोग होते हैं। E.g के लिए (यदि घर में बच्चा खिलौने के साथ खेलता है और अपने parents के बुलाने पर नहीं आता है। तो बुजुर्ग लोग कहते हैं कि अभी यह बच्चा है ।इसको खिलौने के साथ खेलने दो )।धीरे-धीरे जब बच्चा कोई और भी behaviour करता है तो उसे भी hide करने लगते हैं इसी तरह parents बच्चों के और behaviour hide करते जाते हैं। ऐसा करते-करते at last बच्चों की age बढ़ती जाती है ।और बच्चों के behaviour hide करने से behaviour और बढ़ जाते हैं।
Parents में proper guide line की कमी
इसमें जो सबसे main reason देखने को मिलता है वह है parents को proper guide line की कमी। आपको पता ही है parents बच्चों के साथ ज्यादा attach होते हैं वह बच्चे की हर problem को जानते हैं parents में बच्चों की जो मां होती है। वह ज्यादा attach बच्चों के साथ होती है। वह बच्चे की problem को भी जल्दी से जान लेती है। परंतु यहां पर बच्चों के साथ काम कैसे करना है , कौन सी therapy देनी है ,यह सब कुछ उन्हें पता नहीं चल पाता है ।वह बच्चे की problem व soluation को जानने के लिए अस्पताल या कई तरह की जगह पर जाने लगते हैं ।परंतु उन्हें सही guideline नहीं मिलने के कारण वह अलग-अलग जगह पर आते जाते रहते हैं।
जब बच्चे को जो probelm है उसके regarding parents को guideline properly नहीं मिल पाती की बच्चों के साथ कौन सी थेरेपी या कौन सा काम करना है। तो ऐसा होने पर बच्चों का ऑटिज्म वह behaviour बढ़ता रहता है ।जब तक पेरेंट्स को guideline proper नहीं मिलती ।तो ऐसा होने पर बच्चों की जो age 0 से 6 learning मानी गई है ।वह निकल जाती है। तथा बच्चों के ऑटिज्म का जो level होता है वे बढ़ता रहता है।
Aggressive behavior in toddlers
अब मैं आपको बताऊंगी कि ऐसा हम क्या कर सकते हैं जिससे बच्चों के ऑटिज्म वह behaviour के level को बढ़ने से रोका जा सकता है
सबसे पहले मैं आपको बताऊंगी की autism life long process की तरह है। परंतु age बढ़ने के साथ हमें इसमें improvement देखने को मिलती है। कुछ ऐसे कारण जिससे ऑटिज्म के level वह behaviour को बढ़ने से रोका जा सकता है वह कुछ इस प्रकार से हैं।
1. Early assessment करके।
2.Regular therapy देकर।
3.सही age में therapy देकर।
Early assessment
Early assessment किसी भी probelm को जानने का सबसे पहला steps है ।इसी early assess में हमें बच्चों की problem मिल जाती है। तथा बच्चों के लिए early intervention प्रोग्राम बन जाता है इसी steps को यदि parents आप सबसे पहले करते हैं तो ऑटिज्म के लेवल behaviour को जल्दी कम कर सकते हैं।
Regular therapy देकर
जैसे कि आपको पता है ऑटिज्म को दवाई से ठीक नहीं किया जा सकता। इसके लिए थेरेपी ही सबसे important treatment माना गया है ।यदि इन बच्चों को रेगुलर थेरेपी होती है। तो age बढ़ने के साथ problem में कमी होगी। यदि बच्चे की थेरेपी उसकी need व wants के according regular दी जाएगी ।तो बच्चे में ऑटिज्म वह behaviour का level बढ़ने से रुक जाएगा।
सही age में therapy देकर
ADHD and autism in children
ऑटिज्म बच्चों के लिए age सबसे important मानी गई है 0 से 6 age बच्चों के लिए learning age मानी गई है। यदि बच्चे की थेरेपी सही उम्र में शुरू की जाएगी तो बच्चे के ऑटिज्म व behaviour का level बढ़ने से रुक सकता है। ऑटिज्म बच्चे का जो behaviour है वह जल्दी ठीक हो जाएगा यदि बच्चे के साथ हम सही समय, सही age में थेरेपी start कर देते हैं तो बच्चे का जो ऑटिज्म व behaviour है उसे बढ़ने से रोका जा सकता है।
यही तीन points सबसे पहले बच्चे के ऑटिज्म वह behaviour के level को रोकने में important होते हैं
क्या करें माता-पिता ?
early signs पहचानें (जैसे eye contact ना करना, नाम पुकारने पर प्रतिक्रिया ना देना)
Speech Therapist से समय पर सलाह लें
Screen time को सीमित करें
बच्चे को ज़्यादा सामाजिक अवसर दें
रोज़ाना बातचीत और story telling करें
Child communication problem treatment
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