Parents autistic bache ke behaviour को घर पर कैसे improve कर सकते है और उसके साथ कैसे engage करे ?
How to improve an autistic child's behavior at home in Patiala
Autism एक ऐसी condition hai जिस्मे बच्चे की समझ और व्यवहार में problem होती है Autism कोई बीमार नहीं है इसका मतलब है बच्चे का दिमाग अलग तरीके से काम करता हैआज हम आपको बताएंगे कि इस चीज़ को कैसे improve करे और बच्चे के साथ कैसे engage कर सकते है
आप घर पर भी बच्चे में काफ़ी improvement ला सकते हैं आप अपने बच्चे में जल्दी improvement देखेंगे बच्चा दूसरे बच्चों के जैसे जल्दी से जल्दी सिखेगा अगर आपका बच्चा आपका command follow नहीं करता तो सज़ा देने के बजाय positive रहे don't be harsh on them ...
पहले तो इसके लिए parents को patience रखना जरूरी है और जैसे कि हम सब जानते हैं हर बच्चे में same symptoms नहीं होते so बच्चे को observe करना चाहिए कि बच्चे में क्या problem आ रही है और उसी के according बचे के लिए proper customized plan ready कर सकते है
Parenting an autistic child at home, Patiala
बच्चे को धीरे-धीरे कोई भी command दे या किसी भी routine में लेकर आये कभी भी एक दम से उनकी routine में बदलाव ना करें क्योंकि ऑटिस्टिक बच्चों को दूसरे बच्चे के comparison में चीज़ो को समझने में ज्यादा समय लगता है बच्चे के साथ quality time spend करे 0 - 4 years तक के बच्चो के लिए 0 screen time होना चाहिए parents usually जब-जब बच्चा टिक कर नहीं बैठता है
तो माता-पिता आमतौर पर बच्चे को फोन देखकर बिठा देते हैं ऐसा नहीं करना चाहिए इससे बच्चे को virtual autism की problem हो सकती है बचे को टिक कर बिठाने के लिए आप खिलोनो का उपयोग कर सकते हैं अगर बच्चे मैं ज्यादा problem आ रही है तो therapy ज़रूर ले इसके बहुत सारे फायदे हैं ऐप अपने बच्चे में जल्दी इंपोर देखेंगे
घर पर ऑटिस्टिक बच्चे को सुधारने के लिए काई तरिके हैं। सबसे पहले उन्हें एक structured और calm वातावरण देना जरूरी है उनके routine बनाना जैसे की उन्हे activities करवाना छोटी छोटी चीज़े सिखाना और उन्हें एक safe और comfort space देना कयी बच्चे hyper active होते हैं या टच पसंद नहीं करते तो उन्हें ज्यादा force नही करना चाहिए
communication को improve करने के लिए visual adds का उपयोग कर सकते हैं ध्यान दे कि आपका बच्चा कौन सी चीज में ज्यादा interest ले रहा है उन्हें physical activities और outdoor games में शामिल करना चाहिए इसे वो socialize करना सीखेंगे और उनकी mental health भी improve होगी अगर आप लगातार कोशिश करते रहेंगे तो आपके बच्चे में जल्दी improvement आ जायेगी
autism support for parents in Patiala
Find their interest
autistic बच्चों का interest usually एक ही चीज में होता है जैसे कि खिलौने हो गए या कोई गेम भी हो सकता है इसलिए उनके interest के मुताबिक ही उन्हें खुश रखा जाए और इससे बच्चे motivated भी रहेंगे
उनकी feelings को समझें ऑटिस्टिक बच्चों के भावनाओं को समझें बहुत जरूरी है उनको ध्यान के साथ सुने और समझने का प्रयास करें
Autistic बच्चों के साथ engage रेहने के लिए आप उनके साथ गेम्स भी खेल सकते हैं और कोई किताबें या फ़िर stories भी पढ़ सकते हैं या सुन भी सकते हैं आपको बच्चों को proper time देना पड़ेगा ऐसे बच्चों के साथ धैर्य रखना भी ज़रूरी है क्योंकि देखा गया है कि ऐसे बच्चों को चीज़ों को समझने में टाइम लगता है
indoor games और activities भी कर सकते हैं
Autistic बच्चे के behaviour को improve करने के लिए एक supportive environment बनाना जरुरी है उनके पास ज़्यादा शोर ना मचाये उन्हें एक calm atmosphere दे अगर आपका बच्चा कोई activity अच्छे से कर लेता है हां कोई कमांड फॉलो करता है तोह उसकी praise करे या reward भी दे सकते हैं इसे आपका बच्चा खुश होगा और आपकी बात पर ध्यान देगा , बच्चा टिक कर नहीं बैठता आप उन्हें कुछ activities में involve कर सकते हैं
autism child care services in Patiala
Drawing, painting
music rhymes
play with them
In activities से, उन्हें scenes की समझ आएगी आप उन्हें कुछ sensory activities में भी involve कर सकते हैं, जैसे कि sand या rice, water के साथ खेलना, , या finger पेंटिंग। Etc....
Here are some dos and don'ts with an autistic child
उनको प्यार और देखभाल के साथ handle करे
Don't be critical with them अगर आप ऐसा करेंगे तो बच्चा और जिद्दी हो सकता है
अगर आप बच्चे को कोई नई चीज सिखा रहे हैं या नया एक्टिवेट करवा रहे हैं तो उनको चिजो को समझने का समय देना चाहिए
Don't rush with them उनसे कोई instant outcome expect ना करे
ऑटिज्म के बारे में ज्यादा ज़्यादा से ज़्यादा सिखने की कोशिश करें
Don't think कि आप सिर्फ रिसर्च करके expert बन गए अगर problem ज्यादा है तो therapy ज़रूर ले
बच्चों को धीरे-धीरे नई activities से introduce कराएं इससे daily के task करने में मदद मिलेगी
Don't overwhelm them with tasks
ये सब चीजे continuously करने से आप अपने बच्चों में जल्दी changes देखेंगे